दंश
नारी
जब माँ बनती है
तो बड़े गर्व से कहती है
मैंने बेटा जना
जनखों की
बलैयों पे
देती है सब लुटा
कभी
अंदर गहरे
उतर जाती है
ये विडम्बना
पर माँ खुश है
कि
नारी होने का दंश
जो
इस देश में उसने भोगा
उसकी संतति को
न भोगना होगा
- वाणभट्ट
नारी
जब माँ बनती है
तो बड़े गर्व से कहती है
मैंने बेटा जना
जनखों की
बलैयों पे
देती है सब लुटा
कभी
अंदर गहरे
उतर जाती है
ये विडम्बना
पर माँ खुश है
कि
नारी होने का दंश
जो
इस देश में उसने भोगा
उसकी संतति को
न भोगना होगा
- वाणभट्ट
