बुधवार, 16 मार्च 2011

रात

रात

रात अँधेरी होती है
रात में चीन्हना ज़रा मुश्किल होता है
रात खामोश होती है
रात को सब सोते हैं

दिन की अपेक्षा
रात में
बेधड़क नंगे हो जाना
आसान है

- वाणभट्ट

1 टिप्पणी:

  1. रात अँधेरी होती है
    रात में चीन्हना ज़रा मुश्किल होता है
    रात खामोश होती है....

    बहुत ही गहरे भाव....बधाई !

    जवाब देंहटाएं

यूं ही लिख रहा हूँ...आपकी प्रतिक्रियाएं मिलें तो लिखने का मकसद मिल जाये...आपके शब्द हौसला देते हैं...विचारों से अवश्य अवगत कराएं...

दलहन आत्मनिर्भरता के सूत्र

क्रान्तियाँ अचानक घटित नहीं होतीं. इनके नेपथ्य में होती है, लक्ष्य को प्राप्त करने की एक समग्र दृष्टि और दिशा. इनमें निहित होता है, स्वार्थर...